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प्रस्तावना :-

वर्तमान में राज्य का उच्च शिक्षा में GROSS ENROLMENT RATIO (GER) 14-3 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह अनुपात लगभग 24 प्रतिशत है। राज्य सरकार का ध्येय है कि बिहार का GER राष्ट्रीय औसत के बराबर करते हुए 30% तक की वृद्धि करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जायें एवं राज्य को विकसित राज्यों की अग्रणी पंक्ति में खड़ा किया जाए।

लक्ष्य :-

इस योजना का लक्ष्य आवश्यकता के अनुसार लचीला होगा। जितने पात्र विद्यार्थी इस योजना के लाभ हेतु इच्छुक होंगे, उतने विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 75,000 एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,00,000 अनुमानित विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ उपलब्ध कराने का प्रारंभिक अनुमान है।

योजना के लिए पात्रता :-

इस योजना के तहत बिहार राज्य के निवासी वैसे विद्यार्थी जिन्होंने बिहार राज्य एवं सीमावर्त्ती राज्यों से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो तथा उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु ऋण के लिए इच्छुक हों, उन्हें बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अनिवार्य है कि -

1.) विद्यार्थी द्वारा बिहार एवं अन्य राज्य या केन्द्र सरकार के संबंधित नियामक एजेन्सी द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में उच्च शिक्षा हेतु नामांकन लिया गया हो या नामांकन के लिए चयनित हो।

2.) यह ऋण उच्च शिक्षा के सामान्य पाठ्यक्रमां, विभिन्न व्यवसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए दी जा सकेगी।

3.) इस योजना के अन्तर्गत बिहार राज्य से मान्यता प्राप्त संस्थानों से 12वीं अथवा समतुल्य (Polytechnic पाठ्यक्रम के लिए 10 वीं) परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी तथा बिहार राज्य के सीमावर्ती जिलों के सीमावर्ती प्रखंडों के सीमावर्ती राज्य यथा झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं पं॰बंगाल के विद्यालय या बोर्ड से 10वीं/ 12वीं/ +2 (Polytechnic पाठ्यक्रम के लिए 10वीं) उत्तीर्ण बिहार राज्य के मूल निवासी विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ दिया जा सकेगा।

4.) आवेदक विद्यार्थियों के हॉस्टल में रहने की स्थिति में आवेदक के शैक्षणिक संस्थान को राशि उपलब्ध करायी जाएगी। शिक्षण संस्थान के हॉस्टल में नही रहने की स्थिति में विद्यार्थियों के लिए फीस के अतिरिक्त अन्य रहने के खर्च (living expenses) के लिए शहरों के लिए निर्धारित किये गए मानक की निर्धारित दर पर आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी। महँगाई के आधार पर रहने एवं जीवन-यापन के दर में आवश्यकतानुसार शिक्षा विभाग द्वारा वृद्धि की जा सकेगी।

5.) इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की तिथि को आवेदक की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्नातकोत्तर स्तर के वैसे निर्धारित पाठ्यक्रम जिनमें नामांकन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक उत्तीर्ण है, के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 वर्ष होगी।

6.) यदि आवेदक के पास एक स्तर की उपाधि परिलब्ध है, तो उसी स्तर की उपाधि के लिए इस योजनान्तर्गत आच्छादन नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान तकनीकी अथवा प्रबंधकीय पाठ्यक्रमों पर लागू नहीं होगा। उदाहरणस्वरूप विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त व्यक्ति को पुनः कला, विज्ञान के किसी अन्य संकाय में अथवा वाणिज्य में स्नातक स्तर की शिक्षा हेतु इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा। परंतु विज्ञान, कला अथवा वाणिज्य में स्नातक योग्यताधारी आवेदक को डठ।ए डब्। इत्यादि करने के लिए योजनान्तर्गत आच्छादन की पात्रता रहेगी।

7.) लाभार्थियों के द्वारा पढ़ाई को किसी भी कारण से बीच में छोड़ने पर ऋण की शेष राशि संस्थान या विद्यार्थी को उपलब्ध नहीं करायी जाएगी अर्थात इस योजना के तहत विद्यार्थी को शिक्षा ऋण की अगली किस्त उनके संबंधित संस्थान/पाठ्यक्रम में अध्ययनरत रहने की स्थिति में ही उपलब्ध कराई जा सकेगी।

आवेदन की प्रकिया :-

इस योजना का लाभ लेने हेतु Online / Offline आवेदन प्राप्त किए जाएंगे या संस्था के Website : www.svetindia.com अथवा नजदीकी कार्यालय से अपना आवेदन प्राप्त एवं जमा करने का प्रवधान है।